Sunday, 4 January 2015

हैप्पी वेलेंटाइन डे 2015



 हर मौसम में वसंत खिल जाए,
 गर तुम-सा एक साथी मिल जाए...
 क्या तुम मेरे जीवन-बगिया में वसंत बनकर आ रही हो??
 हैप्पी वेलेंटाइन डे ।

मैंने हवा, फूल, पत्ते, पानी, चांद, सितारे, सूरज और आकाश हर जगह लिखना चाहा है
 आज एक ही लफ्ज - प्यार, प्यार, प्यार और बस प्यार.... मैं तुमसे प्यार करता हूं...
 क्या तुम भी ?
 हैप्पी वेलेंटाइन डे ।

 बहारों का महकता समां हैं और ना जाने वह कहां है...
वह जो मेरी शिराओं में प्यार बन कर बहती है, वह जो मेरी धड़कनों में सांस बनकर रहती है,
 वह जो प्यार तो बेइंतहा करती है लेकिन जमाने की रुसवाईयों से डरती है...
 मेरे दिल का हर कोना पुकार रहा है आज मेरा प्यार बनकर आ जाओ...!
 हैप्पी वेलेंटाइन डे ।

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