Sunday, 5 July 2015

Two line shayari on life

हमें तुमसे मोहब्बत करनी है , तुझे मुझसे नफ़रत ही सही !
गर, ये प्यार है इक-तरफ़ा , तो ये प्यार इक तरफ़ा ही सही !!

मेरे मेहबूब ने पढें जब ये शेर, तो ये सवाल था उसका !
तेरे शेरों में क्युं है इतना दर्द क्या है राज़ इसका !!

कोई ये पुछे उनसे के मौत का पैमाना क्या है !
जो हर बात पर अक्सर कह देते है, "अरे मर गये" !

उठाकर मुसीबतें ज़िन्दगी की जी रहा आदमी क्युं है !
गर, बोझ है ज़िन्दगी तो ज़िन्दगी से मोहब्बत क्युं है !!

अब तेरे शरमानें की हकीकत "फ़राज़" जानीं मैनें !
फ़रेब देना हो किसी को तो, बस्स मुस्कुराना चाहिये !

Friday, 3 July 2015

Kyaa Jaan Tum Ho ?

ये याद है तुम्हारी या यादों में तुम हो ।
ये ख्वाब है तुम्हारे या, ख्वाब में तुम हो ॥
हम नही जानते... हमें बस्स इतना बता दो ।
हम जान है तुम्हारी या, हमारी जान तुम हो......